Sunday, September 9, 2012

नन्ही परी - मुझे जन्म लेने तो देते



निर्ममता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या देखने को मिल सकता है कि एक माँ ने अपनी ही बेटी को इस जहाँ में आने से पहले ही मरवा दिया या पैदा होने पर उसे किसी सड़क किनारे फेक दिया । जाने ऐसी कौन सी मजबूरियां होती है उन लोगो की जो एक नन्ही सी जान को ज़िन्दगी तक नही दे पाते। वो भी सिर्फ इसलिए क्यूंकि वो एक लड़की है। सिर्फ यही एक कसूर है उसका। वो निर्दोष होते हुए भी लोगो के स्वार्थ का शिकार बन जाती है। जिसने दुनिया को कभी देखा नही, जाना नहीं जाने कैसे कोई उसे बिना किसी गुनाह के वो सजा दे देता है जो किसी गुनाह करने वाले इन्सान को भी नहीं दी जाती। पर वो नन्ही सी जान इन सब बातो से अनजान बस शायद इतना ही सोच कर रह जाती होगी कि उसे किस जुर्म की सजा मिली है और शायद बस यही कह पाती होगी कि ........
 

मुझे जन्म लेने तो देते.......
 
नन्ही सी कली थी मैं,
         मुझे खिलने तो देते।
नन्ही सी चिया थी मैं,
         मुझे उड़ने तो देते।
नदी से निकली धारा थी मैं,
         मुझे जमीन पर बहने तो देते।
अपने अरमानों में ही सिमटी थी मैं,
         मेरी लौ को बढ़ने तो देते।
छू लेती मैं आसमानों को भी,
         मुझे जमीन पर आने तो देते।
कर लेती मैं पार सारी मुश्किलें,
         मुझे मेरे पाँव पर चलने तो देते।
देखती मैं दुनिया के सारे रंग,
         मेरी आँखों को खुलने तो देते।
छोटी सी परी थी मैं,
         मेरे पंखो को बढ़ने तो देते।
सारे अरमां करती मैं पूरे अपने, 
         मुझे जन्म लेने तो देते...........

4 comments:

  1. OMG... gunja tu to cha gayiii
    its really really vry heart touchy.Just hope the best for u dear.. keep it up.

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  2. great & very heart touchy lines ...be continue on bloging

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